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पंडित लेख राम के बारे में

पंडित लेख राम पंडित लेख राम 8 चैत्र 1915 पर पंजाब के झेलम जिले में गांव सैयद पुर में पैदा हुआ था. उनके पिता तारा सिंह था और माता भाग भारी था. उन्को मुंशी कन्हैया लाल अलखधरि के लेखन से प्रभावित किया गया था और महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज के बारे में पता चला तब पेशावर में आर्य समाज की स्थापना की. उन्होंने यह भी प्रकाशित एक कागज Dharmopdesh. उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और खुद को पूरी तरह लेख और आर्य समाज और वैदिक धर्म के आदर्शों के प्रचार के लिए समर्पित कर दिया . वह आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब के प्रचारक बन गए. उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन इतिहास लिखने की कसम खाई. और व्यापक यात्रा की और आर्य समाज के संस्थापक के जीवन का एक विस्तृत ब्यौरा उत्पादन किया. उन्के अपने दृष्टिकोण इतना है कि कोई भी आगे आने का विरोध करने की हिम्मत स्थापना की. वहाँ उनके टकराव की एक रोचक प्रकरण है. 1889 में समापन उपसंहार: दिव्य निर्णय पंडित लेख राम, हिंदू आर्य पहले अपमान करने के लिए मिर्जा गुलाम अहमद क़दिअनि (Qadiani) अधीन है. शर्मनाक वास्तव में कैसे! 6 मार्च 1897 को पंडित लेख राम पर चाकू से घाव कर उस प्रवृत्त कट्टरपंथी एक शहीद की मौत मर गया. पंडित लेख राम ने 33 पुस्तकें लिखी. उनके सभी लेखन उर्दू में हैं, लेकिन वे हिंदी में अनुवाद किया गया है और कुछ किताबें अंग्रेजी और सिन्धी में अनुवाद भी किया गया है. हम उनकी सलाह का पालन करते है ओर उनकी बाते आर्य समाज के मंच से जारी रखेगें